ghanshyamsharmahindi.blogspot.com

Tuesday, 25 February 2020

अर्धवार्षिक परीक्षा - 12

अर्द्धवार्षिक परीक्षा – 2019-20
कक्षा– बारहवीं                      विषय –हिंदी                      समय -3 घंटे                        पूर्णांक -80
=======================================================
निर्देश-1-सभी प्रश्न अनिवार्य हैं |
2- कृपया उत्तर देते समय क्रमसंख्या अवश्य लिखेँ |
           खंड-क    (अपठित अंश)                16 अंक
1- अपठित गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |                       
हमें समय का मूल्य समझना चाहिए | साथ ही समय के अनुसार काम करना चाहिए | जीवन की यही कुंजी है | जो लोग निरंतर असफल होते हैं, वे प्रायः प्रतिकूल परिस्थितियों को बुरा-भला कहने लगते हैं | वस्तुतः बड़ी असफलता का कारण दुर्भाग्य नहीं होता, अपितु समय को गलत समझने की भूल होती है | यूनान के सबसे बड़े दार्शनिक अरस्तू ने इसे और भी अधिक स्पष्ट करते हुए कहा है-“प्रत्येक व्यक्ति को उचित समय पर, उचित व्यक्ति से, उचित मात्रा में, उचित उद्देश्य के लिए, उचित ढंग से व्यवहार करना चाहिए |”
वस्तुतः एक-एक क्षण से प्रत्येक व्यक्ति का सम्बंध रहता है, किन्तु प्रत्येक व्यक्ति उसके महत्व को नहीं समझता | अधिकतर व्यक्ति यह सोचते हैं कि कोई अच्छा समय आएगा तो काम करेंगे | इसी उधेड़-बुन में जीवन के अनेक अमूल्य क्षणों को खो देते हैं | वे दिनों, मासों और वर्षों को किसी शुभ क्षण की प्रतीक्षा में बिता देते हैं, किन्तु ऐसा क्षण उनके जीवन में कभी नहीं आता, जब बिना हाथ-पाँव हिलाए संसार की बहुत सारी संपत्ति छप्पर फाड़कर उसके हाथ लग जाए | वास्तव में पुरुष जिस समय को चाहे शुभ क्षण बना सकता है | आवश्यकता है श्रम की और समय की परख की | 
समय निर्दयी  होने के साथ-साथ हमारे लिए बहुत उदार भी है | सही अवसर हर व्यक्ति के जीवन में उचित समय पर आता है | जो व्यक्ति उसके आने को पहचान कर उसका उचित उपयोग करता है | वह जीवन में सफल हो जाता है पर समय को पहचान कर भी काम ना करने वाला मनुष्य हाथ मलता रह जाता है कोई भी कार्य कल पर नहीं डालना चाहिए क्योंकि बीता समय फिर नहीं आता कबीर का यह कथन है
​​काल करै सो आज कर, आज करै सो अब | 
​​पल में परलै होयगी, बहुरी करैगा कब | 
   1) गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए ?                                      ​​      ​​​  1
2) पुरुष किस प्रकार किसी भी क्षण को शुभ बना सकता है ?                  ​​​​ 1
3) उपर्युक्त गद्यांश से सौभाग्य शब्द का विलोम लिखो ?                       ​​​​  2
4) अरस्तू के विचारों को स्पष्ट करो-                        ​               ​​​​  2
5) बड़ी-से-बड़ी असफलता का कारण क्या होता है और क्यों  ?                 ​​​​ 2
6) समय पर काम ना करने वाले मनुष्य के साथ क्या होता है ?                 ​ ​​  2
7) कबीर के कथनों का भावार्थ क्या है ?                                   ​​        ​​​ 2 
2- नीचे दिए काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए |                                
​याद रख जो आंधियों के सामने भी मुस्कुराते |
​वे समय के पंथ पर पदचिन्ह अपने छोड़ जाते |
​चिन्ह वे जिनको न धो सकते,
​प्रलय धन भी मूक रहकर जो सदा भूलों हुओं को पथ बताते |
​किंतु जो कुछ मुश्किलों को देख पीछे लौट पड़ते,
​ज़िंदगी उनकी उन्हें भी भार ही केवल मुसाफिर.......
​कंटकित यह पथ भी हो जाएगा आसान क्षण में
​पाँव की पीड़ा क्षणिक यदि तू कर अनुभव न मन में
​सृष्टि सुख-दुख क्या ह्रदय की भावना के रूप हैं दो,
​भावना भी सामने जिसके विवश व्याकुल मुसाफिर
​पंथ पर चलना तुझे तो मुस्कुराकर चल मुसाफिर.......|
1) कवि के अनुसार मार्ग कैसे सरल हो जाएगा ?                  ​​​​ 1
2) कैसे लोग अपने पदचिन्ह छोड़कर जाते हैं ?                    ​​​​ 1
3) कवि ने अपने पथ को किस प्रकार पार करने की सलाह दी है ?    ​​​ 1
4) काव्यांश का उचित शीर्षक लिखो |                             ​​​​ 1
खंड-ख  (कार्यालयी हिंदी और रचनात्मक लेखन)          
3- निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए:                         ​  5 
 क)   चुनावों में प्रचार-प्रसार 
 ख)  मेरे विद्यालय का खेल मैदान 
 ग)  सोशल मीडिया और उसका प्रभाव
4- किसी समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखकर छोटे बच्चों द्वारा वाहनों के दुरुपयोग एवं  बिना हेलमेट लगाएं वाहन चलाने वालों की शिकायत करते  हुए तथा यातायात के नियमों की भूमिका रेखांकित करते हुए पत्र लिखिए |                    5
                              अथवा
नलों में आ रहे गंदे पानी की शिकायत करते हुए अपने क्षेत्र के जलदाय विभाग के अध्यक्ष को पत्र लिखिए | 
5- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्ही चार के संक्षिप्त उत्तर लिखिए:    ​​​    1x4=4
 क)    “ब्रेकिंग न्यूज़” का क्या  आशय है ?
ख)   प्रिंट मीडिया किसे कहते हैं ? 
ग)   जनसंचार के दो कार्यों का उल्लेख कीजिए | 
 घ)   उल्टा पिरामिड शैली से क्या तात्पर्य है ? 
 ङ)  पक्षधर पत्रकारिता से आप क्या समझते हैं ? 
6- “कविता लिखने में कवि को  किन –किन बातों  का ध्यान रखना चाहिए |    ​​​  3
​​​​अथवा
   कहानी लेखन में लेखक को किन -किन बातों का ध्यान रखना चाहिए |
7-  “हरित विद्यालय अभियान” विषय पर एक फीचर तैयार कीजिए |           ​​​  3
                             अथवा
   “ सोशल  मीडिया के नुकसान व फायदे” विषय पर एक आलेख लिखिए |
 ​​​​​खंड-ग (पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न)         
8- पठित पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |      2x3=6                  
सचमुच मुझे दंड दो कि हो जाऊँ
पाताली अंधेरे की गुहाओं में विवरों में
धुए के बादलों में
बिल्कुल मैं लापता
लापता कि वहाँ भी तो तुम्हारा ही सहारा है !!
इसलिए कि जो कुछ भी मेरा है
या मेरा जो होता-सा लगता है, होता-सा संभव है
सभी वह तुम्हारे ही कारण के कार्यों का घेरा है,कार्यों का वैभव है
अब तक तो जिंदगी में जो कुछ था, जो कुछ है
सहर्ष स्वीकारा है
इसलिए की जो कुछ भी मेरा है
वह तुम्हें प्यारा है |
क)  कवि दंड क्यों पाना चाहता है ? 
ख)  कवि के जीवन में अपनी प्रिया का क्या स्थान है ?  
ग) कवि दंड के रूप में क्या चाहता है और क्यों ? 
अथवा
जन्म से ही वे अपने साथ लाते है कपास
पृथ्वी घूमती हुई आती है उनके बेचैन पैरों के पास
जब वे दौड़ते है बेसुध
छतों को भी नरम बनाते हुए
दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए
जब वे पेंग भरते हुए चलें आते हैं
डाल की तरह लचीले वेग से अक्सर
छतों के खतरनाक किनारों तक
(क) पृथ्वी बच्चों के बेचैन पैरों के पास कैसे आती है?
(ख) छतों को नरम बनाने से कवि का क्या आशय है?
(ग) बच्चों की पेंग भरने की तुलना के पीछे कवि की क्या कल्पना रही होगी?
9- पठित पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |     ​2x2=4
​मैं स्नेह-सुरा का पान किया करता हूँ
​ मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ
​ जग पूछ रहा उनको,जो जग की गाते,
​ मैं अपने मन का गान किया करता हूँ |
क) काव्य का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए |
ख)  काव्य के शिल्प-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए |
​​​​अथवा
​तव प्रताप उर राखि प्रभु जैहऊँ नाथ तुरंत |
​अस कहि आयसु पाइ पद बंदि चलेउ हनुमंत ||
​भरत  बाहु बल सील गुन प्रभुपद  प्रीति अपार |
​ मन महूँ जात सराहत पुनि पुनि  पवन कुमार |
क) काव्य का भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए |
ख)  काव्य के शिल्प-सौंदर्य पर प्रकाश डालिए |
10-निम्नलिखित मे से  किन्ही दो प्रश्नों के उत्तर लिखिए           ​​ 3x2=6
(क) ‘आत्म - परिचय’ कविता में कवि हरिवंशराय बच्चन ने अपने व्यक्तित्व के किन पक्षों को उभारा है?
(ख) सूर्योदय से उषा का कौन-सा जादू टूट रहा है? ‘उषा’ कविता के आधार पर लिखिए।                                                         
(ग) कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता में हम समर्थ शक्तिमान/हम एक दुर्बल को लाएँगे’, 
      - पंक्ति के माध्यम से कवि ने क्या कहना चाहा है?
11- पठित गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |    ​​ 2x3=6
चार्ली की अधिकांश फिल्में भाषा का इस्तेमाल नहीं करती इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा मानवीय होना पड़ा | सवाक चित्रपट पर कई बड़े-बड़े कॉमेडियन हुए हैं लेकिन वे चैपलिन की सार्वभौमिकता तक़ क्यों नहीं पहुंच पाए इसकी पड़ताल अभी होने को है | चार्ली का चिर-युवा होना या बच्चों जैसा दिखना एक विशेषता तो है ही, सबसे बड़ी विशेषता शायद यह है कि वे कभी किसी भी संस्कृति को विदेशी नहीं लगते | यानी उनके आसपास जो भी चीजें,अड़ंगे,खलनायक, दुष्ट औरतें आदि रहते हैं वे एक सतत विदेश या परदेश बन जाते हैं और चार्ली हम बन जाते हैं | चार्ली के सारे संकटों में हमें यह लगता है कि यह मैं भी हो सकता हूं, लेकिन मैं से ज्यादा हमें 'हम' लगते हैं | यह संभव है कि कुछ अर्थों में 'बस्टर कीटन' चार्ली चैप्लिन से बड़ी हास्य-प्रतिभा हो लेकिन कीटन  हास्य का 'काफ्का' है जबकि चैप्लिन प्रेमचंद के ज्यादा नजदीक है |
क़) चार्ली चैप्लिन की सार्वभौमिकता का कौन-सा कारण बताया गया है ?
ख) चार्ली  के कारनामे हमें "मै" ना लगकर "हम" क्यों लगते हैं ?
ग)  चार्ली की फिल्मों के खलनायको और दर्शकों ने क्या संबंध बन जाता है और क्यों स्पष्ट कीजिए ?
अथवा
बाज़ार आमंत्रित करता है कि आओ मुझे लूटो और लूटो |सब भूल जाओ मुझे देखो |मेरा रूप और किसके लिए है ? मैं तुम्हारे लिए हूँ | नहीं कुछ चाहते हो , तो भी देखने में क्या हर्ज है | अजी आओ भी | इस आमन्त्रण में यह खूबी है कि आग्रह नहीं है | आग्रह तिरस्कार जगाता है| लेकिन ऊँचे बाजार का आमन्त्रण मूक होता है और उससे चाह जगती है | चाह मतलब अभाव | चौक बाज़ार में खड़े होकर आदमी को लगने लगता है की उसके पास काफी नहीं है और चाहिये  और चाहिये  | मेरा यहाँ कितना परिमित है और यहाँ कितना अतुलित है ओह !
(क)  बाज़ार के आमन्त्रण की क्या विशेषता होती है ?                                                
(ख)बाज़ार  के आमन्त्रण के स्वरूप को स्पष्ट कीजिये ?                                      
(ग) बाज़ार के आमन्त्रण को मूक क्यों कहा गया है ?| 
12-निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:          ​​​​​ 3+3+3+1=10
(क)​भक्तिन और लेखिका के बीच कैसा संबंध था ?‘भक्तिन’ पाठ के आधार पर बताइए।                                     
(ख)​दिनों-दिन गहराते पानी के संकट से निपटने के लिए क्या आज का युवावर्ग ‘काले मेघापानी दे’ की इंदर सेना की तर्ज पर कोई सामूहिक आंदोलन प्रारम्भ कर सकता है ? अपने  विचार लिखिए ।           
(ग)​लुट्टन पहलवान ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मेरा गुरु कोई पहलवान नहीं, यही ढ़ोल है?                                
(घ) चार्ली का भारतीयकरण किसे कहा गया है ?
13. कविता के प्रति लगाव से पहले और उसके बाद अकेलेपन के प्रति ‘जूझ’ कहानी के लेखक की धारणा में क्या बदलाव आया? ​                               ​​​अथवा
     ‘सिल्वर वैडिंग’ पाठ में यशोधर बाबू समय के साथ ढल सकने में असफल रहते हैं l ऐसा क्यों?      (4)
14- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्ही दो के उत्तर लिखिए |      ​​​  4x2=8 
(क)  जूझ कहानी के उद्देश्य  पर प्रकाश डालिए |  
(ख) ‘अतीत में दबे पाँव’ में सिंधु सभ्यता के सबसे बड़े नगर मुअनजो–दड़ो की नगर - योजना आज की नगर  योजनाओं से किस प्रकार बेहतर थी ? उदाहरण देते हुए लिखिए ।    
    (ग) ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी के माध्यम से लेखक ने क्या सन्देश देने का प्रयास किया है ?
​​
   

No comments:

Post a Comment

Educational post 10

 CHANNEL Link  Click here